मेरी कहानियों में तेरी तस्वीर उभरती है,
चंचल, चपल, कभी रूद्र, कभी सरल,
शब्दों से रेखांकित भावनाएं,
वाक्यों में बहती विडम्बनाएं
तेरी,
जानो किस अतिरेक से उड़ती,
जैसे उन्माद से धरती के वक्ष पे बहती,
हवाओं सी बातें,
उलझी, मुश्किल, नादान, फ़िज़ूल,
मेरी कहानिया उनसे ही अनुकूल,
अटल, विफल, कभी तृप्त, कभी विमल
भावों में लिपटी संवेदनाएं,
पद्यों में गठी योजनाएं,
तेरी
मेरी कहानियों में तेरी तस्वीर उभरती है,
चंचल, चपल, कभी रूद्र, कभी सरल,
शब्दों से रेखांकित भावनाएं,
वाक्यों में बहती विडम्बनाएं
तेरी,
जानो किस अतिरेक से उड़ती,
जैसे उन्माद से धरती के वक्ष पे बहती,
हवाओं सी बातें,
उलझी, मुश्किल, नादान, फ़िज़ूल,
मेरी कहानिया उनसे ही अनुकूल,
अटल, विफल, कभी तृप्त, कभी विमल
भावों में लिपटी संवेदनाएं,
पद्यों में गठी योजनाएं,
तेरी
मेरी कहानियों में तेरी तस्वीर उभरती है,
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